Wednesday, May 9, 2012

ENGINEER KI AATAMKATHA (इंजीनियर की आत्मकथा) :


एस.वी.एन.आई.टी की बस्ती मेंये जो होने वाले इंजीनियर हैं



कोई आइंस्टीन नहीं  सभी बाई बोर्न शेक्स्पीअर है |
टेबल पर किताब,लैपटॉप और हाथो में रखते बियर हैं ||
न बैक की परवाह  न जॉब का टेंसन,करते हर रोज चियर्स हैं|
कभी देर रात तक पढ़ाई तो अकसर लेट नाईट प्रीमियर है ||
        
बर्ड वाचिंग के विचार में खोये, हमेशा सिगरेट करते फायर हैं |
लड़कियों का झुण्ड देखते ही बन जाते शायर  हैं ||
आते –जाते जो मिलता सबसे करते हेल्लो, हाय डियर हैं |
पिया-मिलन चौक  पर घंटों बैठते ,भले एग्जाम्स नियर है ||

पार्टी-सार्टी, रेसिंग–डेटिंग को जो रहता बेक़रार हैं |
वीकेंड पर धूम मचाने को,जिसे हमेशा रहता इंतजार है ||
जिसे 1- 2- 4  नहीं सभी लड़कियों से ही प्यार है |
वो सबसे बस यही कहता,हमको तो सिर्फ तुम्हीं से प्यार है ||

 पी.ऍम.सी ,स्टाफ क्लब,गल्ले पर जिनका हमेशा आना –जाना रहता है |
लाईब्रेरी में पढ़ना उनका, लड़कियों से बातें करने का बहाना रहता है  ||
मेस का खाना अच्छा नहीं,क्योंकि लड़कियों के साथ जो मैग-डी जाना रहता है |
बोर्डिगार्ड लवलीसिंह रिपोर्टिंग मैडम,क्योंकि लड़कियों में इम्प्रेसन बनाना रहता है||

एग्जाम्स में चीटिंग करना,टुटोरियलअसाइनमेंट्स कॉपी करना |
आल्वेज डूइंग चैटिंग यही उनका लेसन  है ||
ऑनलाइन मेकिंग रिलेशन यही इनका प्रोफेशन है |
इंजिनियरिंग पैसन नहीं,इन्क्रिजिंग फ्रेंड्स ऑन फेसबुक यही इनका मिशन है|

देर से उठते ,बिना नहाये भाग के जाते ,होते आधे घंटे देर हैं |
आगे चाहे जितनी भी सीटें खाली, ये पीछे बैठने वाले शेर हैं ||
दिख जाये कोई मस्त मॉडल,इसलिए खिडकीयों से झांकते बार-बार हैं|
क्लास में कोई कुछ भी करे,बस चिल्लाते सी आर-सी आर हैं ||

भरी क्लास में आराम से सो जाते,दोस्तों के बीच प्रोक्सी किंग कहलाते हैं |
प्रोजेक्टर पर जब हो पढ़ाई,लाइट्स ऑफ करके मोबाईल पर शुरु हो जाते हैं |
बोरिंग लेक्चर्स में करते इंटरेस्टिंग बातें,अपने आपको लव-गुरु बतलाते हैं |
गर्ल पेयर या फेकल्टी सबपर कमेन्ट मारते,कैंटीन की महफ़िल को रंगीन बनाते हैं|| 

                              - चन्द्रशेखर प्रसाद 
 

4 comments:

Sunil Kumar said...

ऐसे इंजिनियर को नमन :):)

Sushil said...

वाह वाह !!

ABHISHEK KUMAR said...

grt...hats off bro.!!!!!!!!!

tarun_rocks said...

bahut khub.....